आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन ने सभी कांवड़ यात्रियों का स्वागत करते हुए यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर और किसी भी प्रकार के हथियारों के साथ यात्रा करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई निर्धारित
पुलिस एवं जिला प्रशासन ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पैदल जल लेकर जाने वाले शिवभक्तों की कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई छह फीट तथा कांवड़ झांकी की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य ऊंची विद्युत लाइनों से टकराने जैसी दुर्घटनाओं को रोकना और अन्य श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाना है।
हथियार लेकर चलना पूरी तरह प्रतिबंधित
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान भाले, त्रिशूल, तलवार या किसी भी प्रकार के हथियार लेकर चलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सभी कांवड़ यात्रियों को अपने साथ वैध पहचान पत्र (आईडी) रखना अनिवार्य होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पहचान सुनिश्चित की जा सके।
असुरक्षित स्थानों पर यात्रा करना कानूनन अपराध
रेल मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि चलती ट्रेन की छत या अन्य असुरक्षित स्थानों पर यात्रा करना कानूनन अपराध है। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अनुशासन और संयम के साथ करें यात्रा
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान आपसी सौहार्द बनाए रखने, किसी भी प्रकार के विवाद, मारपीट या तनाव से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा का उद्देश्य भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और आस्था का प्रदर्शन है, इसलिए सभी श्रद्धालु अनुशासन और संयम के साथ यात्रा करें।
पुलिस एवं जिला प्रशासन ने जताया विश्वास
पुलिस एवं जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि श्रद्धालुओं के सहयोग और नियमों के पालन से कांवड़ यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।
