फर्जी हॉलमार्किंग की शिकायतों पर सख्ती दिखाते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की देहरादून शाखा ने हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में दो आभूषण प्रतिष्ठानों पर व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान हॉलमार्किंग से जुड़े उपकरणों, अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की गई। एक प्रतिष्ठान से मिली कटिंग मशीन को भी तकनीकी परीक्षण और विस्तृत जांच के लिए BIS की निगरानी में रखा गया है।
बीआईएस की टीम ने ज्वालापुर स्थित जहांगीर और बादशाह नामक दो आभूषण प्रतिष्ठानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान हॉलमार्किंग प्रक्रिया से संबंधित उपकरणों, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का बारीकी से परीक्षण किया गया। अधिकारियों को मौके पर एक कटिंग मशीन भी मिली, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
भारतीय मानक ब्यूरो ने बताया कि पूरे मामले की जांच भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 और उससे संबंधित नियमों के तहत जारी है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बीआईएस, देहरादून के संयुक्त निदेशक सचिन चौधरी ने सभी स्वर्ण आभूषण कारोबारियों से अपील की कि वे केवल BIS से मान्यता प्राप्त हॉलमार्किंग केंद्रों से ही आभूषणों की हॉलमार्किंग कराएं और सभी वैधानिक प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
उन्होंने उपभोक्ताओं के हित में शुरू की गई नई सुविधा की भी जानकारी दी। बताया कि 1 जून 2026 से बीआईएस केअर ऐप्प में नया फीचर जोड़ा गया है। अब ग्राहक किसी भी स्वर्ण आभूषण के 6 अंकों वाले एचयूआईडी का सत्यापन करने पर ऐप में उस आभूषण का फोटो और उसका वजन भी देख सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को आभूषण की प्रामाणिकता की पुष्टि करने में अधिक सुविधा मिलेगी और फर्जी हॉलमार्किंग पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
