श्री बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों के बीच श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। समिति का कहना है कि प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पद से हटाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बीकेटीसी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 3 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी।

समिति ने बताया कि संबंधित कर्मचारी से प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच समिति की प्रारंभिक आख्या का परीक्षण करने पर आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए कहा कि उन्हें वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इन्हीं तथ्यों के आधार पर बीकेटीसी प्रशासन ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे तथा उन्हें जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही में पूरा सहयोग देना होगा।

बीकेटीसी ने कहा कि मंदिर समिति प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाई जाएगी तथा अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।