मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में श्री केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं पुनर्विकास कार्यों तथा श्री बदरीनाथ मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने केदारनाथ धाम में प्रस्तावित छह ब्लॉकों का कार्य तत्काल शुरू कराने, यात्रा क्षेत्र के लिए व्यापक कूड़ा प्रबंधन योजना तैयार करने और दोनों धामों में विकसित की जा रही परिसंपत्तियों के संचालन एवं रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) के लिए पहले से फ्रेमवर्क तैयार करने को कहा।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने श्री केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजना के तहत चल रहे कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक परियोजना की निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य पूरा कराने के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि केदारनाथ यात्रा क्षेत्र के लिए एक व्यापक एवं एकीकृत कूड़ा प्रबंधन योजना तैयार की जाए, ताकि यात्रा के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे के वैज्ञानिक और प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

मुख्य सचिव ने श्री बदरीनाथ मास्टर प्लान के फेज-1 और फेज-2 के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का आकलन करते हुए सभी कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए गति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही परियोजना से जुड़े सभी कंटेंट और आर्टवर्क का कार्य भी समानांतर रूप से शुरू कराने को कहा।

बैठक में उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री बदरीनाथ धाम और श्री केदारनाथ धाम में विकसित की जा रही सभी परिसंपत्तियों और सुविधाओं के संचालन एवं रखरखाव के लिए पहले से स्पष्ट व्यवस्था तैयार की जाए। उनका कहना था कि यदि संचालन करने वाली संस्थाएं पहले से तय होंगी, तो परियोजनाओं के हस्तांतरण के बाद उनके रखरखाव और जिम्मेदारियों का निर्धारण सुचारु रूप से हो सकेगा।

बैठक में सचिव धीरज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार तथा संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।