उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अब तक 79.60 लाख मतदाताओं में से 70.98 लाख से अधिक मतदाताओं के गणना पत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जबकि 8.39 लाख मतदाता ‘अनकलेक्टेड श्रेणी’ में चिन्हित किए गए हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से घर-घर सत्यापन अभियान में सहयोग करने तथा प्रत्येक बूथ पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।
सचिवालय में आयोजित बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 जुलाई की अर्हता तिथि के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है तथा 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जाना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं के सापेक्ष अब तक 70 लाख 98 हजार 501 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं 8 लाख 39 हजार 486 मतदाता ‘अनकलेक्टेड श्रेणी’ में शामिल हैं। इनमें 1 लाख 23 हजार 836 मृत, 4 लाख 77 हजार 148 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 61 हजार 764 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 68 हजार 259 अनुपस्थित तथा 8 हजार 479 मतदाता अन्य कारणों से इस श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं।
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि 14 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अनकलेक्टेड श्रेणी के मतदाताओं के घर-घर सत्यापन अभियान में सक्रिय सहयोग करें और प्रत्येक मतदान केंद्र पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट नियुक्त कर पुनरीक्षण प्रक्रिया को सफल बनाने में योगदान दें।
बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों में भाजपा के राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस के अमरेंद्र बिष्ट, आम आदमी पार्टी के श्याम बाबू पांडेय, बसपा के सत्यपाल और सीपीआई (एम) के अनंत आकाश उपस्थित रहे।
