पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस और शौर्य के बल पर आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मुख्यमंत्री रविवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट में ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि जब पूरा देश सो रहा था, तब भारतीय सेनाओं ने मात्र 22 मिनट में पाकिस्तान में संचालित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने दुश्मन के सभी हमलों को विफल कर दिया और एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं ने चार दिनों के भीतर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए विवश कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के लगभग हर परिवार का सेना से जुड़ाव है, इसलिए प्रदेशवासियों का सैनिकों के साथ भावनात्मक रिश्ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उसे अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अनेक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा सामग्री के निर्यात में 38 गुना वृद्धि दर्ज की गई है और भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि भारत के स्वदेशी हथियार किसी भी अन्य देश के हथियारों से बेहतर हैं।
मुख्यमंत्री ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने, नेशनल वॉर मेमोरियल के निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि और सीमावर्ती क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पांच गुना तक वृद्धि की है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। साथ ही पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की स्थायी संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया है। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समय सीमा को भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष किया गया है।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी. अग्निहोत्री, मेजर जनरल पी.एस. राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
