पंच केदारों में चतुर्थ केदार के रूप में प्रसिद्ध श्री रुद्रनाथ मंदिर की आगामी यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंदिर के कपाट 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं, जिसे देखते हुए यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए व्यापक रणनीति पर काम किया जा रहा है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशों के तहत मंगलवार को पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की 15 सदस्यीय संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने सगर से लेकर रुद्रनाथ धाम तक के दुर्गम और बर्फ से ढके पैदल मार्ग का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में पुलिस विभाग की ओर से वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुमित खुगशाल के साथ राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
निरीक्षण के दौरान टीम ने यात्रा मार्ग की भौतिक स्थिति, संवेदनशील स्थानों, विश्राम स्थलों और संभावित प्राकृतिक जोखिमों का बारीकी से आकलन किया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, संचार प्रणाली और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया, ताकि कपाट खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकें।
संयुक्त टीम ने मार्ग को और अधिक सुरक्षित एवं यात्री-अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी एकत्र किए हैं। इन सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा समग्र कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि रुद्रनाथ धाम की यात्रा भौगोलिक दृष्टि से अन्य धामों की तुलना में अधिक कठिन है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा चमोली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर दुर्गम मोड़ पर पुलिस सहायता उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और पुलिस मिलकर ऐसी सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, जिससे कठिन परिस्थितियों में भी यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
