चारधाम यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए चमोली जिला प्रशासन ने अहम निर्णय लिए हैं। इन फैसलों से स्थानीय नागरिकों और होटल व्यवसायियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री बद्रीनाथ धाम, बामणी और माणा क्षेत्र में निवासरत स्थानीय नागरिकों और होटल व्यवसायियों को अब बद्रीनाथ धाम में आवागमन के लिए अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे स्थानीय जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सकेंगी।
उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देशों के तहत 12 अप्रैल 2026 से बद्रीनाथ थाना का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है। थाना स्तर पर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रशासन द्वारा यह निर्णय थानाध्यक्ष बद्रीनाथ की जांच आख्या के आधार पर लिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि स्थानीय निवासियों और होटल व्यवसायियों के नियमित आवागमन पर किसी प्रकार की बाध्यता नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और जनसहभागिता के साथ सफल बनाना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ स्थानीय लोगों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
