Uttarakhand: चारधाम यात्रा तैयारियों पर धामी सरकार घिरी, कांग्रेस विधायक ने उठाए गंभीर सवाल

आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रदेश की उत्तराखण्ड सरकार पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखपत सिंह बुटोला ने राज्य सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर चारधामों के कपाट खुलने जा रहे हैं, लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चारधाम यात्रा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है और आधारभूत सुविधाओं का घोर अभाव है।

विधायक बुटोला ने बताया कि वे 5 अप्रैल को श्री बद्रीनाथ धाम का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे, जहां अधिकांश निर्माण कार्य अधूरे पाए गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बावजूद कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों में लापरवाही बरती जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों श्रद्धालु पहले ही दिन भगवान बद्रीनाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे, लेकिन सरकार अब तक जरूरी तैयारियां पूरी नहीं कर सकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा से जुड़ी बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया जा रहा, जिससे जमीनी समस्याएं सामने नहीं आ पा रही हैं।

बुटोला ने यह भी कहा कि अलकनन्दा नदी के प्रवाह में बदलाव किया जा रहा है, जिससे ब्रह्मकपाल और तप्त कुंड क्षेत्र को खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने दावा किया कि नदी की चौड़ाई लगभग 3 मीटर तक कम कर दी गई है, जिससे प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है और भविष्य में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने बद्रीनाथ मास्टर प्लान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मंदिर परिसर के आसपास की बसावट को हटाने के बाद भी सौंदर्यीकरण का कार्य अधूरा पड़ा है। मंदिर तक जाने वाले मार्ग का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है, जबकि देव डोली के पारंपरिक मार्ग का कार्य अभी तक शुरू ही नहीं किया गया।

विधायक ने चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारण को समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में इसका कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल को हमेशा खुला रखने और ऑफलाइन पंजीकरण की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने वाहन चालकों के लिए ग्रीन कार्ड की अवधि बढ़ाकर कम से कम 6 माह करने, यात्रियों को अनावश्यक रूप से बैरियरों पर न रोके जाने, तथा यात्रा मार्ग पर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और लोगों की 10 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया।

पत्रकार वार्ता में डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदीप थपलियाल, मुकेश नेगी, नरेशानन्द नौटियाल, पवन नेगी और नैन सिंह भंडारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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