डेढ़ वर्ष पूर्व गुजरात से आरंभ हुई ज्योति कलश यात्रा देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लौटे कुल 18 ज्योति कलश सोमवार को शांतिकुंज पहुँचे। यह आगमन जन्मशताब्दी समारोह की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण चरण है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये ज्योति कलश ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका सहित गुजरात, आंध्रप्रदेश-तेलंगाना, बिहार, झारखंड, पश्चिमोत्तर भारत, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के विभिन्न स्थानों से होते हुए शांतिकुंज पहुँचे। यात्रा के दौरान संबंधित क्षेत्रों में धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सहभागिता की।

शांतिकुंज आगमन पर जन्मशताब्दी समारोह में डॉ. चिन्मय पंड्या एवं शेफाली दीदी ने प्रखर प्रज्ञा–सजल श्रद्धा समाधि स्थल पर पुष्पार्चन कर विधिवत रूप से कलश पूजन किया। इसके पश्चात ज्योति कलशों के साथ आए प्रतिनिधियों एवं परिजनों का तिलक कर स्वागत किया गया।
कलश पूजन के उपरांत वेद मंत्रोच्चारण और शंखनाद के साथ शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा गायत्री मंदिर प्रांगण से होते हुए साधना कक्ष पहुँची, जहाँ ज्योति कलशों की स्थापना की गई। कार्यक्रम का समापन आरती के साथ हुआ।
आयोजकों का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य देश-विदेश में जन्मशताब्दी समारोह को लेकर जनसंपर्क और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करना है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त श्रद्धा, आस्था और शुभकामनाओं को प्रतीकात्मक रूप से ज्योति कलशों के माध्यम से शांतिकुंज लाया गया है।
