मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेराई सत्र 2025–26 के लिए राज्य की चीनी मिलों द्वारा क्रय किए जाने वाले गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उनकी उपज का न्यायसंगत और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस वर्ष गन्ना मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
अगेती और सामान्य प्रजाति दोनों के मूल्य बढ़े
पिछले पेराई सत्र 2024–25 में अगेती प्रजाति का राज्य परामर्शित मूल्य ₹375 प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹365 प्रति कुंतल निर्धारित था।
इस वर्ष पेराई सत्र 2025–26 के लिए नई दरें इस प्रकार हैं—
- अगेती प्रजाति : ₹405 प्रति कुंतल
- सामान्य प्रजाति : ₹395 प्रति कुंतल
विस्तृत विमर्श के बाद लिया गया निर्णय
मुख्यमंत्री ने बताया कि मूल्य निर्धारण की संपूर्ण प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों और संबंधित हितधारकों से विस्तृत चर्चा की गई।
इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एफआरपी., पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य तथा राज्य की कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह संतुलित निर्णय लिया गया है।
किसान हित सर्वोपरि : मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर निर्णय में किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो,
- तौल एवं क्रय की प्रक्रिया पारदर्शी रहे,
- और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
सरकार को उम्मीद है कि बढ़ा हुआ गन्ना मूल्य न केवल किसानों को राहत देगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। इससे गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
