Uttarakhand: किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या ने खोली प्रशासनिक विफलता की पोल, कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

उधमसिंह नगर जनपद से सामने आई किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या की घटना ने प्रदेशभर में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस दुखद घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है और इसे सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जनपद में एक किसान अपनी जमीन की रक्षा और न्याय की तलाश में भटकता रहा, लेकिन उसे प्रशासन और पुलिस से सहयोग मिलने के बजाय अपमान, धक्के और गाली-गलौज का सामना करना पड़ा। यह स्थिति न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है। जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने वाली पुलिस व्यवस्था आज सरकार के संरक्षण में संवेदनहीन बन चुकी है। जमीनों से जुड़े धोखाधड़ी नेटवर्क और भ्रष्टाचार के बीच आम नागरिक खुद को असहाय महसूस कर रहा है। किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या को कांग्रेस ने इसी सड़े हुए तंत्र की प्रत्यक्ष तस्वीर बताया है।

पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि कुछ ही दिन पहले हरिद्वार में पुलिस अभिरक्षा में एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब किसान की आत्महत्या ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इन घटनाओं से साफ संकेत मिलता है कि उत्तराखंड की कानून व्यवस्था बिखर चुकी है और सरकारी मशीनरी जनता के हितों की रक्षा करने में विफल साबित हो रही है।

कांग्रेस पार्टी ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई और राज्य में बढ़ते भूमि घोटालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे बयानबाजी से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करें और प्रशासनिक व्यवस्था को पटरी पर लाएं।

कांग्रेस ने दिवंगत किसान सुखवंत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। पार्टी ने कहा कि केवल संवेदना व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता को न्याय चाहिए। उत्तराखंड कांग्रेस ने दोहराया कि वह हर नागरिक के साथ खड़ी है और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

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