श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा के पैदल मार्ग का वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में वाण से होमकुंड होते हुए सुतोल तक कई हिस्से बेहद दुर्गम, जोखिमपूर्ण और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील मिले। इसके बाद जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने यात्रा आयोजन समिति को एडवाइजरी जारी करते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा को यथासंभव सीमित रखने की सलाह दी है। साथ ही बेदनी के लिए रवाना होने से पहले वाण में श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया है।

संयुक्त टीम ने वाण से होमकुंड होते हुए सुतोल और सुतोल से होमकुंड तक प्रस्तावित यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान वाण से ज्यूरागली तक करीब 32 किलोमीटर और सुतोल से होमकुंड तक करीब 34 किलोमीटर क्षेत्र का स्थलीय परीक्षण किया गया। टीम ने मार्ग की स्थिति, पैदल आवाजाही की सुगमता और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।

कई हिस्से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील

स्थलीय निरीक्षण के दौरान यात्रा मार्ग के कई हिस्से अत्यंत दुर्गम और जोखिमपूर्ण पाए गए। मार्ग के कुछ क्षेत्र भूस्खलन की दृष्टि से भी संवेदनशील हैं। प्रस्तावित यात्रा मार्ग दुर्गम वन क्षेत्रों और विभिन्न पड़ावों से होकर गुजरता है, जहां आपदा की स्थिति में यात्रियों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति को पत्र जारी कर वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा का आयोजन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।

बेदनी से आगे निर्जन क्षेत्र में बढ़ेगा खतरा

एडवाइजरी में विशेष रूप से बेदनी से आगे के अत्यंत निर्जन वन क्षेत्रों और अन्य पड़ावों को लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है। इन क्षेत्रों में यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है। जनहित और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रस्तावित यात्रा को यथासंभव सीमित रखने की अपेक्षा की गई है।

वाण में स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी

यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी श्रद्धालुओं को बेदनी के लिए रवाना होने से पहले वाण में अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी गई है। इससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी अप्रिय घटनाओं की आशंका को कम किया जा सकेगा।

सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश

जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने आयोजन समिति से यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी निर्धारित व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। श्रद्धालुओं और आमजन से भी पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और मार्ग की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

प्रशासन का स्पष्ट जोर है कि धार्मिक आस्था के इस आयोजन के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो और यात्रा का संचालन मौजूदा भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाए।