कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी तेज कर दी है। चार्जशीट कमेटी की बैठक में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, खनन, भूमि घोटाले और कानून व्यवस्था समेत जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। इसे आधार बनाकर कांग्रेस जल्द ही व्यापक आरोप पत्र तैयार कर जनता के बीच ले जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को चार्जशीट कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश सरकार की कथित नाकामियों, भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर व्यापक चार्जशीट तैयार करने पर मंथन किया गया। कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा, भू-कानून, खनन, भूमि घोटाले और कानून व्यवस्था को प्रमुख मुद्दे बनाकर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की।
बैठक को संबोधित करते हुए करण माहरा ने कहा कि वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। बेरोजगारी और महंगाई से जनता परेशान है। खनन और भूमि से जुड़े मामलों के साथ ही कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर भी सरकार सवालों के घेरे में है। कांग्रेस जनता की आवाज को दबने नहीं देगी और सरकार की कथित नाकामियों को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखेगी।
भ्रष्टाचार के मामलों को किया जाएगा शामिल
माहरा ने कहा कि चार्जशीट में सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए भ्रष्टाचार, कथित घोटालों और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग मामलों से संबंधित जानकारी और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को उजागर करना कांग्रेस की प्राथमिकता है।
ब्लॉक से जिला स्तर तक आंदोलन
बैठक में तय किया गया कि चार्जशीट को केवल प्रदेश स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जनता के बीच ले जाया जाएगा। कांग्रेस ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन करेगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि आरोप पत्र के माध्यम से सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को जनता की अदालत में रखा जाएगा।
वरिष्ठ नेताओं ने दिए सुझाव
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, डॉ. प्रेम बाखुंडी, डॉ. प्रतिमा सिंह, अमरजीत सिंह समेत चार्जशीट कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने अपने सुझाव दिए और सरकार को घेरने के लिए मुद्दों के चयन और आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चार्जशीट में जनता से सीधे जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि सरकार की कथित विफलताओं को तथ्यात्मक तरीके से जनता के सामने रखा जा सके।
