मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कनखल-हरिद्वार स्थित प्राचीन दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने दुग्धाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले के सकुशल आयोजन की कामना की। मुख्यमंत्री ने इसके बाद सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन भी किए। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों एवं साधु-संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है। कुंभ मेला न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया में आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है। ऐसे में राज्य सरकार कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए ठोस और दूरदर्शी कार्ययोजना पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र के विस्तार के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु बेहतर अनुभव के साथ हरिद्वार से लौट सकें।
मुख्यमंत्री धामी ने साधु-संतों से मिल रहे मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए संत समाज और स्थानीय नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने संतों से आगामी कुंभ को सफल बनाने के लिए निरंतर समर्थन और सहभागिता बनाए रखने का आग्रह किया।
इस अवसर पर श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिव्य एवं भव्य कुंभ आयोजन के लिए संत समाज राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग देगा।
कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेंद्र दास, दिगंबर अखाड़े के वैष्णो दास, निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत मुरलीदास, निर्मल अखाड़े के कोठारी जसविंदर सिंह, बड़ा उदासीन अखाड़े के राघवेंद्र दास, नया अखाड़े के जगतार मुनि, अटल अखाड़े के सत्य गिरी एवं मनोज गिरी सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे।
इसके अलावा विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दायित्वधारी सुनील सैनी, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।
