कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्ष के कार्यकाल और राज्य में भाजपा सरकार के साढ़े नौ वर्षों के शासन को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को दिशाहीन और जनविरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल बयानबाज़ी और प्रचार तक सीमित है, जबकि इतिहास में स्थान केवल जनहित के ठोस कार्यों से मिलता है। गोदियाल ने सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन, बढ़ते कर्ज, बेरोजगारी, महंगाई, महिला सुरक्षा और विकास के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया।
जारी बयान में गणेश गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी का कार्यकाल “खोखली बयानबाज़ी” तक सीमित रहा है। उनका कहना था कि कोई भी सरकार विज्ञापनों और दावों के सहारे इतिहास नहीं बना सकती, बल्कि इसके लिए जनता के हित में ठोस और दूरगामी फैसले लेने पड़ते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में कांग्रेस सरकार के सत्ता छोड़ने के समय राज्य पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो भाजपा सरकार के कार्यकाल में बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार राजस्व के नए स्रोत विकसित करने में असफल रही है और आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।
गोदियाल ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों की लगातार उपेक्षा की गई है। उनका आरोप था कि राज्य का विकास केवल कागजों और होर्डिंग्स तक सीमित है, जबकि आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के मुद्दों पर असफल रहने के बाद मुख्यमंत्री धामी आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रहे हैं और जनता का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल में अंतर्विरोध साफ दिखाई दे रहे हैं तथा मूल भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच की स्थिति अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सामने आए तथ्यों पर भी सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है तथा भाजपा सरकार अपने दृष्टिपत्र में किए गए वादों को पूरा करने में असफल रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की वास्तविकता समझ चुकी है और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की विदाई तय है।
