लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के आईडीपीएल ग्राउंड में आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में देहरादून जनपद को 219.29 करोड़ रुपये की 51 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 172.78 करोड़ रुपये लागत की 38 योजनाओं का शिलान्यास तथा 46.50 करोड़ रुपये लागत की 13 योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा, शिक्षा, पशुपालन, पार्क, स्ट्रीट लाइटिंग, पर्यटन और गौसंरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान सहसपुर, मसूरी, डोईवाला, रायपुर, धर्मपुर, कैंट, विकासनगर और चकराता सहित जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनमें इंटरलॉकिंग टाइल्स से सड़क निर्माण, आंतरिक मार्गों के सुधारीकरण, पुल निर्माण, संपर्क मार्गों के विकास तथा आरसीसी एवं पीएससी गर्डर सेतुओं का निर्माण प्रमुख हैं।
जल संसाधन एवं सिंचाई क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की आधारशिला रखी गई। इनमें विभिन्न नहरों के पुनरोद्धार, पाइप नहर निर्माण, जल वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण, गूलों के पुनर्निर्माण तथा सिंचाई तंत्र को मजबूत करने से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा रायपुर, डोईवाला, धर्मपुर और अन्य क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा योजनाओं, नदी तटों के सुदृढ़ीकरण तथा नालों के चैनलाइजेशन के कार्यों का भी शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम में डोईवाला और रायपुर विकासखंड में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौशाला एवं शरणालय निर्माण, उत्तराखंड औद्यानिक एकीकृत विकास सोसायटी के पीएमयू कार्यालय भवन, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के पुनर्निर्माण, मसूरी-देहरादून मार्ग पर एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग, आईएसबीटी देहरादून के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं उच्चीकरण तथा झड़ीपानी ट्रैक के सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी गई।
लोकार्पित 13 योजनाओं में रायपुर, डोईवाला और अन्य क्षेत्रों में सड़क निर्माण, स्टेट ऑफ द आर्ट पशु चिकित्सालय, सुद्धोवाला कारागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अजबपुरकलां के भवन निर्माण, मोटर मार्गों के उन्नयन, स्नान घाट निर्माण तथा विभिन्न पार्कों और कृत्रिम झीलों के सौंदर्यीकरण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल रहीं।
इन विकास योजनाओं के माध्यम से देहरादून जनपद में सड़क, सिंचाई, शहरी आधारभूत ढांचे, बाढ़ सुरक्षा, शिक्षा, पर्यटन, पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
