राज्य के विद्यालयी शिक्षा ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने एससीईआरटी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के लिए पृथक शिक्षक संवर्ग के गठन का निर्णय लिया है। इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमावली तैयार कर ली गई है, जिसे जल्द ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अलावा समग्र शिक्षा अभियान के तहत उच्चीकृत विद्यालयों में नए पदों के सृजन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दे दिए हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को यमुना कॉलोनी स्थित अपने सरकारी आवास पर विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने एससीईआरटी और डायट के प्रशासनिक और अकादमिक ढांचे को मजबूत करने के लिए पृथक संवर्ग के गठन पर विस्तृत चर्चा की।
राज्य गठन के बाद पहली बार एससीईआरटी और डायट के ढांचे में बड़े स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। इससे शिक्षण एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा और छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
एससीईआरटी का पुनर्गठन: 121 पदों का नया ढांचा
बैठक में बताया गया कि एससीईआरटी में कुल 121 पदों का पुनर्गठन किया गया है, जिनमें 58 अकादमिक पद और 63 पैरा–अकादमिक पद शामिल हैं।
डायट संस्थानों के लिए भी नई संरचना तैयार की गई है। नई नियमावली के तहत लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को जल्द भरा जाएगा, जिससे प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी।
उच्चीकृत विद्यालयों में नए पद होंगे सृजित
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जिन विद्यालयों को उच्चीकृत किया गया है, उन स्कूलों में आवश्यकतानुसार
- प्रधानाचार्य
- प्रवक्ता
- सहायक अध्यापक
- कर्मकार
के नए पदों का सृजन किया जाएगा।
डॉ. रावत ने अधिकारियों से कहा कि पदों का सृजन समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा अवसर
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा विभाग में अधिकारियों की कमी को दूर करने के लिए भी जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
- सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन,
- महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा दीप्ति सिंह,
- निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती,
सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
