Uttarakhand: नीलकंठ में बनेगी बहुमंजिला पार्किंग, श्रद्धालुओं को मिलेगी जाम से राहत

राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नीलकंठ महादेव मंदिर में प्रस्तावित बहुमंजिला पार्किंग परियोजना की प्रगति को लेकर आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

500 से अधिक वाहनों की होगी व्यवस्था

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बढ़ती वाहन संख्या और तीर्थयात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस परियोजना को स्वीकृति प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है। प्रस्तावित पार्किंग में 300 से अधिक चारपहिया तथा 200 से अधिक दोपहिया वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था की जाएगी।

इससे यातायात दबाव कम होगा और यात्रा सीजन के दौरान अव्यवस्था व जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

आधुनिक मानकों के अनुरूप निर्माण

प्रस्ताव के अनुसार पार्किंग भवन में भूतल (स्टिल्ट) सहित कुल चार मंजिल होंगी, जिनमें तीन फ्लोर ऊपर निर्मित किए जाएंगे। संपूर्ण ढांचा आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि भारी भीड़ के समय भी पार्किंग का संचालन सुचारु रूप से हो सके।

स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी होगा स्थापित

विशेष रूप से इस बहुमंजिला पार्किंग परिसर में दो बेड का आकस्मिक स्वास्थ्य सहायता केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों के लिए आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

साथ ही अधिकारियों और राजकीय कार्मिकों के लिए प्रतीक्षालय एवं विश्राम कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। परियोजना का परीक्षण विभागीय डीपीसी के माध्यम से किया जा चुका है। प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए 29 जनवरी 2026 को विभागीय व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जबकि 23 फरवरी 2026 को सचिव की अध्यक्षता में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप पहल

आवास सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप राज्य के धार्मिक स्थलों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नीलकंठ में प्रस्तावित यह बहुमंजिला पार्किंग तीर्थ पर्यटन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना सिद्ध होगी।

उन्होंने बताया कि अंतिम प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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