प्रदेश के पीएम-श्री विद्यालयों में अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को देश की वैज्ञानिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के 207 पीएम-श्री विद्यालयों के 977 मेधावी छात्र-छात्राओं को अंतर्राज्यीय शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने कुल 3 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। शैक्षिक भ्रमण का आयोजन आगामी 15 जनवरी से 20 जनवरी 2026 के मध्य किया जाएगा।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम राज्य समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत कुल 1048 प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें 977 छात्र-छात्राएं, 13 नोडल अधिकारी तथा 58 शिक्षक-शिक्षिकाएं एस्कॉर्ट के रूप में रहेंगे।
जनपदवार प्रतिभागियों में अल्मोड़ा से 104, बागेश्वर से 36, चमोली से 96, चंपावत से 56, देहरादून से 66, हरिद्वार से 76, नैनीताल से 104, पौड़ी से 51, पिथौरागढ़ से 81, रुद्रप्रयाग से 31, टिहरी से 71, ऊधमसिंह नगर से 144 और उत्तरकाशी से 61 छात्र-छात्राएं शामिल होंगी।
भ्रमण दल में प्रत्येक जनपद से दो शिक्षक और दो शिक्षिकाएं एस्कॉर्ट के रूप में शामिल रहेंगी। जिन जनपदों में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं की संख्या 100 से अधिक है, वहां तीन शिक्षक और तीन शिक्षिकाएं एस्कॉर्ट के लिए नामित की जाएंगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अंतर्राज्यीय भ्रमण के लिए प्रत्येक पीएम-श्री विद्यालय से दो छात्र और दो छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित छात्र-छात्राएं कक्षा 9 और 11 में अध्ययनरत होंगे और उन्होंने वर्ष 2024-25 की वार्षिक परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए होंगे।
सह-शिक्षा वाले विद्यालयों के अलावा बालक एवं बालिका विद्यालयों से भी चार-चार छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। पूर्व में भारत भ्रमण कार्यक्रम में शामिल हो चुके छात्र-छात्राओं को इस बार शामिल नहीं किया जाएगा।
शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और गोवा जैसे राज्यों में स्थित नेशनल साइंस सेंटर, आईआईटी, अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र, खेल प्रशिक्षण संस्थान, सांस्कृतिक और विरासत स्थल तथा कला अकादमियों का भ्रमण कराया जाएगा। भ्रमण दलों को जनपद स्तर पर स्थानीय सांसद, विधायक और जिलाधिकारी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
शिक्षा विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रत्येक जनपद में पीएम-श्री विद्यालय के किसी वरिष्ठ प्रधानाचार्य या प्रधानाचार्या को नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है। साथ ही शैक्षिक भ्रमण की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से कराकर आख्या सहित राज्य परियोजना कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें देश की वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत से परिचित कराना है।
इससे विद्यार्थियों में नवाचार की भावना विकसित होगी और उनके आत्मविश्वास तथा व्यापक दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी। इसी उद्देश्य के तहत पीएम-श्री विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को अंतर्राज्यीय शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जा रहा है।
