बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम के मंदिर से भगवान नारायण का लगभग पांच लाख रुपये मूल्य का मणि जड़ित स्वर्ण मुकुट और नकदी चोरी करने के मामले का चमोली पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया स्वर्ण मुकुट, नकदी में से 4,500 रुपये और वारदात में प्रयुक्त बैग बरामद कर लिया है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
पुलिस के अनुसार 24 जुलाई को बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम में भगवान नारायण का मणि जड़ित स्वर्ण मुकुट और नकदी चोरी हो गई थी। घटना के तीन दिन बाद 27 जुलाई को आश्रम के ब्रह्मचारी भगवत दास ने कोतवाली बदरीनाथ में तहरीर देकर बताया कि आश्रम में भजन-कीर्तन के लिए शरण लेने वाले साधु राघवदास पर चोरी का संदेह है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित टीम ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच, संदिग्धों से पूछताछ, संभावित ठिकानों पर दबिश और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपी की तलाश लगातार जारी रखी गई।
29 जुलाई को विवेचक उपनिरीक्षक भूपेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त और तलाश में थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर बद्रीश गंगा वाटिका गेट, हनुमानचट्टी रोड के पास घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहे राघवराम पाठक उर्फ राघवदास (57 वर्ष) निवासी ग्राम मुनीमपुर, थाना भिनगा, जनपद श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश) को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने आश्रम के मंदिर से भगवान नारायण का स्वर्ण मुकुट तथा वहीं ठहरे प्रभुदास नामक व्यक्ति के बैग से नकदी चोरी की थी। आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया मणि जड़ित स्वर्ण मुकुट, नकदी में से 4,500 रुपये और घटना में प्रयुक्त काला बैग बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) भी बढ़ा दी है।
चमोली पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
