आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए राज्य में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती मांग को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देश पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग भारत सरकार से अतिरिक्त कमर्शियल गैस सिलेंडरों के आवंटन की मांग करेगा।
विभाग ने विस्तृत आकलन के बाद मांग का निर्धारण कर लिया है और प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा चुका है, ताकि यात्रा अवधि के दौरान गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बुधवार को सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में संभावित मांग, भंडारण, आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन और वितरण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।
सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, जिससे होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस में एलपीजी की खपत तेजी से बढ़ती है। इसे देखते हुए विभाग आपूर्ति तंत्र को और मजबूत कर रहा है। तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश में गैस की आपूर्ति हर हाल में सुचारू और निर्बाध बनी रहे।
विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से नवंबर के बीच प्रदेश के लगभग 14,901 पंजीकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए करीब 9,67,950 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त आवंटन की मांग की जा रही है।
पिछले कुछ दिनों में गैस आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। जहां पहले प्रतिदिन करीब 3,000 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 6,000 से अधिक कर दिया गया है। विभाग का दावा है कि लगातार निगरानी और तेल कंपनियों के साथ समन्वय से मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाया गया है।
साथ ही, कालाबाजारी और ओवरचार्जिंग पर भी सख्त कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पूरे प्रदेश में सघन अभियान चलाया जा रहा है।
31 मार्च 2026 तक 5,389 निरीक्षण किए गए, 87 स्थानों पर छापेमारी हुई, 16 एफआईआर दर्ज की गईं और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 699 गैस सिलेंडर और 168 कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए तथा करीब 1.01 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
सरकार का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को गैस की उपलब्धता पारदर्शी और निर्धारित दरों पर सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में अपर आयुक्त पीएस पांगती, आईओसीएल के डिवीजनल हेड स्वर्ण सिंह, बीपीसीएल के टेरिटरी मैनेजर जेएल प्रसन्ना और एचपीसीएल के चीफ रीजनल मैनेजर पंकज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
