उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत बजट को दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी और महंगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला चुनावी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता की मूल समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है।
बेरोजगारी और पलायन पर ठोस योजना का अभाव
गणेश गोदियाल ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट केवल चुनावी वर्ष में की गई घोषणाओं का पुलिंदा है। प्रदेश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी आज सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है, लेकिन बजट में युवाओं को स्थायी रोजगार देने के लिए कोई प्रभावी योजना दिखाई नहीं देती।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पलायन एक गंभीर समस्या बन चुका है, परंतु बजट में इसे रोकने के लिए भी कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आती।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पहले से ही चिंताजनक है। पर्वतीय क्षेत्रों में अस्पतालों में डॉक्टरों और संसाधनों की भारी कमी है, लेकिन बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं।
इसी तरह शिक्षा व्यवस्था में सुधार, सरकारी विद्यालयों को सुदृढ़ करने और शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भी बजट में ठोस कदमों का अभाव दिखाई देता है।
किसानों और आम जनता की उपेक्षा का आरोप
गणेश गोदियाल ने कहा कि इस बजट में प्रदेश के किसानों की भी अनदेखी की गई है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कोई बड़ी योजना नहीं लाई गई है।
इसके अलावा महंगाई से जूझ रही आम जनता को राहत देने के लिए भी बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उद्योग, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस पहल का अभाव है।
चुनावी बजट का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बजट में केवल घोषणाएं की गई हैं, लेकिन उनके लिए धन कहां से आएगा इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने योजनाओं के नाम बदलकर नई बोतल में पुरानी शराब वाला फार्मूला अपनाया है और विकसित उत्तराखंड का सपना दिखाया जा रहा है।
बढ़ते कर्ज पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब 2017 में कांग्रेस ने सत्ता छोड़ी थी, उस समय राज्य पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि अब यह बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार कर्ज लेकर खर्च कर रही है।
बजट सत्र की अवधि पर भी उठाया सवाल
गणेश गोदियाल ने बजट सत्र की अवधि को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धामी सरकार विपक्ष के सवालों से बचना चाहती है, इसलिए केवल चार दिन का सत्र बुलाकर खानापूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में झूठी घोषणाएं ज्यादा हैं और प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता।
