अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कांग्रेस 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालेगी। वहीं, 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी एवं एआईसीसी महासचिव सांसद कुमारी शैलजा ने शुक्रवार को देहरादून में प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों, पलायन और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए।

कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक बेटी को न्याय दिलाने का मामला नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, उत्तराखंड की अस्मिता और सत्ता की जवाबदेही से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार की ओर से कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना चाहिए। कांग्रेस इस मामले में न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि अंकिता प्रकरण से जुड़े सवालों के बीच इस नियुक्ति ने प्रदेश की जनता की भावनाओं को आहत किया है। कांग्रेस ने मामले में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण दिए जाने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने 14 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें समर्थन दिया। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में उपवास, प्रदर्शन, ज्ञापन और कैंडल मार्च के माध्यम से भी न्याय की मांग उठाई जा रही है।

भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

कांग्रेस प्रभारी ने प्रदेश में सरकारी निर्माण कार्यों, ठेकों, भूमि सौदों और खनन गतिविधियों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने से युवा परेशान हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन की समस्या बनी हुई है। कांग्रेस ने सरकार से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, रोजगार सृजन और पलायन रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना पेश करने को कहा।

उन्होंने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता प्रकरण की जांच कराने और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई। महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों के खर्चों को लेकर सामने आए आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

नवंबर में जमीन और संसाधनों के मुद्दे पर प्रदर्शन

कांग्रेस ने आगामी कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा कि एक नवंबर को दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आयोजित रैली में प्रदेश के कार्यकर्ता शामिल होंगे। चार नवंबर को उत्तराखंड की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर जिला एवं प्रदेश मुख्यालयों सहित संबंधित स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।