कांग्रेस प्रदेश के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चम्पावत में 16 वर्षीय नाबालिग युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना को मानवता को शर्मसार करने वाली और देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता को कलंकित करने वाली घटना बताया है। उन्होंने राज्य सरकार पर महिला सुरक्षा के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने जारी बयान में गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह क्षेत्र चम्पावत में हुई इस घटना ने राज्य की गिरती कानून व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में भाजपा के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत का नाम सामने आने से महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर भाजपा के दावों की पोल खुल गई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में बीते वर्षों के दौरान महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला अपराधों के कई मामलों में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के बावजूद सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड समेत विभिन्न चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं या उनसे जुड़े लोगों के नाम कई गंभीर मामलों में सामने आए हैं, जिससे सरकार की नीयत और महिला सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन” और “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान केवल चुनावी नारे बनकर रह गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर 8 मई 2026 को राज्यभर के जिला और महानगर मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा तथा भाजपा सरकार के खिलाफ पुतला दहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला अस्मिता और सुरक्षा के मुद्दे पर जल्द ही कांग्रेस द्वारा बड़ा आंदोलन भी चलाया जाएगा।
कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अभी तक इस बयान पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
