मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूथ फाउंडेशन ट्रेनिंग एरिया, कुआंवाला में आयोजित युवा अग्निवीर संवाद कार्यक्रम में अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा, जहां सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए विशेष अग्निवीर सेल की स्थापना की जाएगी। साथ ही पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को विशेष अनुदान, सीमांत क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए अवस्थापना सहायता तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समर्पित व्यवस्था विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, अग्निवीरों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शहीद परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। इसके अलावा आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन, सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन की समय सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान में वृद्धि तथा युद्ध विधवाओं एवं दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था भी की गई है।
अग्निवीरों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। सेवा पूर्ण कर लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन सहित राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट तथा भर्ती प्रक्रियाओं में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं और उन्होंने बचपन से सैनिकों के अनुशासन, त्याग और राष्ट्रभक्ति को निकट से देखा है। सैनिकों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार जैसा अपनापन महसूस होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती घोटालों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए देश के सबसे कठोर नकल विरोधी कानूनों में से एक लागू किया है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की अन्य उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। किसानों के लिए कीवी, एप्पल और टिमरू मिशन जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सतत विकास लक्ष्यों की सूची में राज्य ने पहला स्थान प्राप्त किया है। उत्तराखंड को फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान भी मिला है और बीते चार वर्षों में चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा तथा शीतकालीन यात्रा सहित विभिन्न पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से 24 करोड़ से अधिक पर्यटक राज्य पहुंचे हैं।
कार्यक्रम में विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाब सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
