कांवड़ यात्रा के शुभारंभ के साथ ही हरिद्वार पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाली यात्रा के दौरान करीब 6 हजार पुलिसकर्मी, 10 कंपनियां पीएसी, 13 कंपनियां सीआरपीएफ, जल पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें तैनात की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 379 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के लिए 20 साइबर कमांडो भी सक्रिय रहेंगे।
एसपी सिटी अभय कुमार सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए 379 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से लगातार की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर विशेष नजर रखने के लिए 20 प्रशिक्षित साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। इसके अलावा यात्रा मार्गों, पार्किंग स्थलों, प्रमुख घाटों और मंदिरों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 36 स्थानों पर फायर यूनिट तैनात की गई हैं, जबकि जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी लगातार अलर्ट मोड में रहेंगी। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
एसपी सिटी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा, ताकि अंतरराज्यीय यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सुखद कांवड़ यात्रा का अनुभव कराना है। इसके लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे कार्य कर रहे हैं।
