आगामी श्रावण कांवड़ मेला के सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे कांवड़ मेले को अभेद्य सुरक्षा चक्र में रखा जाएगा। मेले के दौरान एटीएस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), एसटीएफ, एसडीआरएफ और अभिसूचना इकाइयां 24 घंटे सक्रियहेंगी, जबकि ड्रोन, सीसीटीवी और साइबर कमांडो के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, जीआरपी तथा एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। डीजीपी ने कहा कि कांवड़ मेला अत्यंत संवेदनशील धार्मिक आयोजन है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना उत्तराखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल

बैठक में निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, रिजर्व फोर्स और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। प्रमुख स्थलों पर एटीएस, बीडीएस, एसटीएफ और खुफिया इकाइयों को सक्रिय रखा जाएगा, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम हर समय तैयार रहेगी। प्रमुख स्नान घाटों पर एसडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पार्किंग और डायवर्जन को लेकर विस्तृत ट्रैफिक प्लान

डीजीपी ने यात्रा मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग और डायवर्जन को लेकर विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इस योजना का व्यापक प्रचार उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु पहले से यातायात व्यवस्था से अवगत हो सकें। भारी वाहनों के डायवर्जन, अस्थायी पुलिस चौकियों, मोबाइल पेट्रोलिंग और पैदल व डाक कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था

रेलवे क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश देते हुए पूरे मेला क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया। रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और ट्रेनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों, घाटों, कांवड़ मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से 24×7 निगरानी की जाएगी। पार्किंग और सार्वजनिक स्थलों का फायर सेफ्टी ऑडिट भी कराया जाएगा तथा पर्याप्त अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रहेंगे।

ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन

डीजीपी ने निर्देश दिए कि कांवड़ के निर्धारित आकार, रेल की छत पर यात्रा न करने और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। राज्य की सीमाओं और कांवड़ मार्गों पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

सोशल मीडिया और साइबर स्पेस की निगरानी

सोशल मीडिया और साइबर स्पेस की निगरानी के लिए विशेष साइबर कमांडो टीम हरिद्वार में कैंप करेगी। यह टीम 24 घंटे सोशल मीडिया पर नजर रखेगी और किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल कार्रवाई करेगी। साथ ही यातायात, मौसम और सुरक्षा संबंधी अपडेट नियमित रूप से साझा किए जाएंगे।

अंतरराज्यीय समन्वय पर भी विशेष जोर

डीजीपी दीपम सेठ ने अंतरराज्यीय समन्वय पर भी विशेष जोर देते हुए सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के साथ नियमित बैठकें और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान के निर्देश दिए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए आवास, भोजन, पेयजल और विश्राम जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने को भी कहा।

पुलिस पूरी सतर्कता और समर्पण के साथ कार्य

बैठक के अंत में डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस पूरी सतर्कता, सेवा भावना और समर्पण के साथ कार्य कर रही है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कांवड़ मेला सुरक्षा, शांति और बेहतर समन्वय के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो।