सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें कर्णप्रयाग क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान जिपलाइनिंग करते हुए एक पर्यटक के दुर्घटनाग्रस्त होने का दावा किया जा रहा है। मामले को लेकर चमोली पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और तथ्यों की पुष्टि किए बिना वीडियो साझा न करने की अपील की है।
वीडियो का स्थानीय घटनाओं से कोई संबंध नहीं : पुलिस
चमोली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो पूरी तरह भ्रामक, असत्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक से निर्मित है। पुलिस के अनुसार कर्णप्रयाग क्षेत्र में वर्तमान समय में ऐसी कोई जिपलाइनिंग गतिविधि संचालित नहीं हो रही है और न ही वीडियो का किसी स्थानीय घटना से कोई संबंध है।
अफवाह फैलाने का किया जा रहा प्रयास
पुलिस का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार की तथ्यहीन और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर आमजन के बीच भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे वीडियो लोगों में अनावश्यक भय, भ्रम और गलत जानकारी फैलाने का कारण बनते हैं।
भ्रामक सामग्री पर पुलिस की कड़ी नजर
चमोली पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही ऐसी भ्रामक सामग्री की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही फर्जी और भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्तियों की पहचान भी की जा रही है।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, गलत सूचना प्रसारित करने और जनमानस को गुमराह करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सत्यापन के बाद ही करें सामग्री साझा
चमोली पुलिस ने जनपदवासियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि किसी भी वीडियो, फोटो या समाचार को सत्यापित किए बिना साझा न करें। यदि किसी को कोई संदिग्ध या भ्रामक सामग्री दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
सतर्कता और जागरूकता पर दिया जोर
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने, तथ्यों का सत्यापन करने और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोग से ही भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सकता है।
