कुंभ मेला 2027 को भव्य, दिव्य, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए मेला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
सोमवार को मेला नियंत्रण भवन सभागार में मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में आयोजित परामर्शदात्री समिति की बैठक में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मेलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि उपयोगी सुझावों को योजनाओं में शामिल कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन की चुनौती
बैठक को संबोधित करते हुए मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे विशाल आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी विभागों, स्थानीय निकायों, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के समन्वित सहयोग की आवश्यकता है।
स्थानीय सुझावों को बताया महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि परामर्शदात्री समिति और स्थानीय हितधारकों से प्राप्त सुझाव प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्थानीय लोगों को क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों का बेहतर अनुभव होता है, जिससे व्यवस्थाओं के आकलन और सुधार में मदद मिलती है। प्रशासन इन सुझावों के आधार पर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव कर रहा है।
अवस्थापना विकास कार्यों पर विशेष जोर
मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, घाटों के विकास, पैदल मार्गों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता प्रबंधन और पार्किंग स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही प्रमुख स्थलों पर संकेतक बोर्ड, सूचना केंद्र और डिजिटल सूचना प्रणालियां विकसित की जा रही हैं।
आधुनिक तकनीक से होगा भीड़ प्रबंधन
उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटल मॉनिटरिंग, सीसीटीवी नेटवर्क और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से प्रभावी व्यवस्था विकसित की जा रही है। यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए स्थानीय संगठनों के सुझावों के आधार पर व्यवहारिक रणनीति तैयार की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधाएं रहेंगी प्राथमिकता
सोनिका ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त जनसुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अस्थायी आवास, शौचालय, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सहायता केंद्र, विश्राम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।
स्वच्छ और सुंदर कुंभ क्षेत्र पर फोकस
उन्होंने बताया कि स्वच्छ एवं सुंदर कुंभ क्षेत्र के निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। घाटों, मार्गों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
‘हरित हरिद्वार’ अभियान को मिलेगी गति
बैठक में मेलाधिकारी ने ‘हरित हरिद्वार’ अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि कुंभ मेला 2027 को पर्यावरण अनुकूल स्वरूप देने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इस अभियान में स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, आश्रमों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
पांच जून को होगा वृहद वृक्षारोपण
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान हजारों पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने लोगों से पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का भी आह्वान किया।
प्रतिनिधियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, घाटों की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था और स्थानीय लोगों की सहभागिता से जुड़े सुझाव रखे। मेला प्रशासन ने इन सुझावों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ये रहे मौजूद
बैठक में नगर निगम हरिद्वार की मेयर किरण जैसल, नगर निगम ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, मुनिकीरेती नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ) आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, एसपी सिटी अभय सिंह, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों और संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
