प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में रविवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की उपस्थिति में संगठनात्मक मुद्दों और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश आज जिन वीर सेनानियों की कुर्बानियों की बदौलत स्वतंत्र है, उनकी विचारधारा और मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, हम जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज उनके सपनों के भारत को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर देश की मूल भावना को आहत कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों पर चलते हुए अन्याय और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करें। साथ ही संगठन को मजबूत करने और स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में प्रकोष्ठ के महामंत्री अवधेश पंत ने संगठन की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले वर्षों में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की उपेक्षा हुई है। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में इन परिवारों को प्रमुख स्थान दिया जाए और उनकी मांगों को शामिल किया जाए।
इस दौरान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरली मनोहर द्वारा गणेश गोदियाल का चरखा और गंगा माई की चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कई सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक हस्तियों को भी सम्मानित किया गया।
बैठक में कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा महर दसौनी, विधायक लखपत सिंह बुटोला, जनकवि अतुल शर्मा सहित विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
