आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी विकास यात्रा में तीन प्रमुख क्षेत्रों कृषि, उद्योग और पर्यटन को सबसे महत्वपूर्ण माना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन तीनों क्षेत्रों को आत्मनिर्भरता की यात्रा का ड्राइवर्स बताया है। इसी दृष्टिकोण के तहत वर्ष 2025-26 के बजट में इन क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
सरकार की मंशा है कि कृषि, उद्योग और पर्यटन को समानांतर रूप से आगे बढ़ाकर ऐसा माहौल तैयार किया जाए जिससे उत्पादकता में वृद्धि, निवेश को बढ़ावा और लोगों के लिए सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा हों।
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र को प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाओं में बजट आवंटित किया है। प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
- उद्यान बीमा योजना – 40 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना – 20 करोड़ रुपये
- कीवी एवं ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन – 30.70 करोड़ रुपये
- मिशन एप्पल – 42 करोड़ रुपये
- फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ – 20 करोड़ रुपये
- चाय विकास योजना – 25.93 करोड़ रुपये
- सुगंध पौधा विकास एवं अन्य योजनाएं – 24.75 लाख रुपये
- महक क्रांति योजना – 10 करोड़ रुपये
उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा
राज्य में निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से उद्योग क्षेत्र के लिए भी कई योजनाओं में बजट निर्धारित किया गया है।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सहायता योजना – 75 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना – 60 करोड़ रुपये
- मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाइल नीति अनुदान – 25 करोड़ रुपये
- निवेश, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन – 30 करोड़ रुपये
- स्टार्टअप वेंचर फंड – 25 करोड़ रुपये
पर्यटन क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका को देखते हुए इस क्षेत्र में भी बजट में उल्लेखनीय प्रावधान किए गए हैं।
- पर्यटन विभाग (राजस्व मद) – 210.59 करोड़ रुपये
- पर्यटन विभाग (पूंजीगत मद) – 296.45 करोड़ रुपये
- वैश्विक पर्यटक स्थलों का विकास – 10 करोड़ रुपये
- इको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए – 18.50 करोड़ रुपये
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजन – 2 करोड़ रुपये
