Historical Holi of Gopeshwar: रामलीला मैदान में रंग, ढोल-दमाऊं की थाप पर झूमे होल्यार

पहाड़ की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले गोपेश्वर में इस बार ऐतिहासिक होली का उल्लास कुछ अलग ही अंदाज में देखने को मिला। शहर के रामलीला मैदान में सुबह से ही रंगों की बौछार और संगीत की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

ढोल-दमाऊं और डीजे की धुन पर थिरके होल्यार

रामलीला मैदान में पारंपरिक ढोल-दमाऊं की थाप के साथ डीजे की आधुनिक धुनों का अनोखा संगम देखने को मिला। होल्यार दोपहर तक रंगों में सराबोर होकर नृत्य करते रहे। पारंपरिक होली गीतों ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया।

महिलाओं ने भी बिखेरे रंग

होली के इस आयोजन में महिलाओं की भागीदारी भी खास रही। रंग-गुलाल के बीच महिलाएं भी गीत-संगीत पर झूमती नजर आईं। सामूहिक नृत्य और पारंपरिक गायन ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

लोक संस्कृति की झलक

गोपेश्वर की होली अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक रंगों के लिए जानी जाती है। इस बार भी लोक संस्कृति की वही छटा देखने को मिली, जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए लोगों को भी आकर्षित किया।

रामलीला मैदान में दिनभर चले इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गोपेश्वर की होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि संस्कृति और सामूहिक उत्साह का प्रतीक है

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