Uttarakhand: चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम व्यवस्था पर जोर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य, बिजली और अलर्ट सिस्टम पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने सचिव सचिन कुर्वे को केदारनाथ–बदरीनाथ रूट पर सभी चिकित्सालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। ऊर्जा निगम को निर्बाध और संतुलित वोल्टेज की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।

आपदा प्रबंधन और पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक जाम, भीड़ या किसी आकस्मिक स्थिति की सूचना यात्रियों को व्हाट्सएप अलर्ट के माध्यम से तत्काल उपलब्ध कराई जाए। इस व्यवस्था की प्रगति रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

आपात स्थिति में आयुक्त को अधिकार

किसी आपात स्थिति में यात्रा रोकने की आवश्यकता पड़ने पर अवधि और स्थान निर्धारण का दायित्व विनय शंकर पांडेय, आयुक्त गढ़वाल मंडल को सौंपा गया।

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर आवश्यक मशीनों और उपकरणों का अग्रिम निर्धारण तथा परिसंपत्तियों की मैपिंग करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका त्वरित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

क्यूआर कोड और सूचना बोर्ड होंगे स्थापित

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएं, जिनके माध्यम से यात्रियों को संबंधित स्थान और आसपास की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही सभी मुख्य पड़ावों पर स्पष्ट और सारगर्भित सूचना बोर्ड लगाए जाएं। यात्रा संचालन हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने के भी निर्देश दिए गए।

भीड़ प्रबंधन पर सुदृढ़ योजना

मुख्य सचिव ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर सभी विभागों और हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए। विगत वर्षों के अनुभवों के आधार पर प्रभावी और व्यावहारिक क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार करने को कहा गया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एडीजीपी डॉ. वी. मुरुगेशन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय सहित पुलिस, चिकित्सा, लोक निर्माण, पेयजल, आपदा प्रबंधन, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, जिला प्रशासन, जीएमवीएन, परिवहन, पर्यटन, विद्युत, सिविल एविएशन, सूचना विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार व्यापक तैयारियों में जुटी है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

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