Uttarakhand: मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया उत्तराखण्ड का गौरवविंटर टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स और डेस्टिनेशन वेडिंग पर किया विशेष उल्लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के प्रति अपने विशेष स्नेह का परिचय देते हुए राज्य के विंटर टूरिज्म, वेडिंग डेस्टिनेशन और साहसिक खेलों की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे सर्दियों के मौसम में हिमालय की वादियों का अनुभव अवश्य लें और उत्तराखण्ड को अपनी यात्रा सूची में शामिल करें।

प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को लगभग ढाई मिनट का विशेष समय दिए जाने पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखण्ड पर्यटन के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर हैं।


औली, मुनस्यारी, चोपता और दयारा की बढ़ती लोकप्रियता

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों उत्तराखण्ड का शीतकालीन पर्यटन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। औली, मुनस्यारी, दयारा बुग्याल और चोपता जैसी जगहें सर्दियों में पर्यटकों की पहली पसंद बन चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि विगत सप्ताहों में पिथौरागढ़ स्थित साढ़े 14 हजार फीट ऊंचाई पर राज्य की पहली उच्च ऊंचाई अल्ट्रा रन मैराथन आयोजित की गई, जिसमें देश के 18 राज्यों से 750 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि मात्र तीन वर्ष पहले तक जहां आदि कैलाश यात्रा में प्रतिवर्ष 2,000 श्रद्धालु शामिल होते थे, वहीं अब यह संख्या 30,000 के पार पहुंच चुकी है,जो उत्तराखण्ड में बढ़ते पर्यटन का प्रमाण है।


उत्तराखण्ड में शीतकालीन खेल की तैयारियां

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में शीतकालीन खेल आयोजित करने जा रहा है, जिसके लिए देश भर के खिलाड़ी, एडवेंचर प्रेमी और पर्यटक उत्साहित हैं। उन्होंने राज्य में तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन आधारभूत ढांचे और बेहतर कनेक्टिविटी का विशेष उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने होम-स्टे नीति को और सशक्त बनाकर स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाए हैं।


डेस्टिनेशन वेडिंग का नया केंद्र बनता उत्तराखण्ड

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गंगा तट पर डेस्टिनेशन वेडिंग अब बड़ी संख्या में आयोजित हो रही हैं। उन्होंने सर्दियों की सुनहरी धूप, धुंध से ढकी पहाड़ी वादियों और शांत वातावरण को उत्तराखण्ड की अनूठी खूबसूरती बताते हुए कहा कि राज्य डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में राष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बन रहा है।


प्रधानमंत्री की यात्राओं से बढ़ती पर्यटन गतिविधियां

प्रधानमंत्री पूर्व में केदारनाथ, बदरीनाथ, आदि कैलाश और जागेश्वर धाम की यात्रा कर चुके हैं। उनके इन दौरों के बाद इन तीर्थ स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि देखी गई है।

गत वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा उत्तरकाशी के मुखबा गांव से शीतकालीन पर्यटन शुभारंभ करने के बाद हर्षिल घाटी में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे स्थानीय लोगों को आजीविका के नए अवसर प्राप्त हुए।


मुख्यमंत्री धामी की पहल को मिली मजबूती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में शीतकालीन पर्यटन, शीतकालीन यात्रा, और गंतव्य विवाह को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात में इन प्रयासों की तारीफ किए जाने को मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के लिए सकारात्मक अनुमोदन बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के सतत विकास और संभावनाओं को विश्व पटल पर रेखांकित करने के लिए समस्त प्रदेशवासी प्रधानमंत्री के आभारी हैं। राज्य सरकार प्राकृतिक, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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