उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिषद की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए ठोस कार्ययोजना तय की गई।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि परिषद की योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहकर नागरिकों को आधुनिक आधारभूत सुविधाएं और बेहतर जीवनस्तर भी प्रदान करें।
आधुनिक सामुदायिक केंद्र होंगे विकसित
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश, रूड़की, काशीपुर सहित अन्य शहरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव है। इन केंद्रों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक विवाह समारोह और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कम दरों पर इनका उपयोग कर सकें। यह पहल विशेष रूप से मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत देगी।
भूखंड आवंटन प्रक्रिया में तेजी
बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा में भूखंडों व भवनों के आवंटन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। इन योजनाओं में चौड़ी सड़कें, हरित पार्क, सामुदायिक केंद्र और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
श्रीनगर और जसपुर आवास योजना को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का निर्णय लिया गया। इन योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय ढांचा तैयार किया जाएगा, ताकि स्थानीय नागरिकों को बेहतर विकल्प मिल सकें।
लैंड पूलिंग मॉडल पर मंथन
बैठक में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की तर्ज पर उत्तराखण्ड में भी लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस मॉडल के माध्यम से भूमि स्वामियों की सहभागिता से सुव्यवस्थित आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। इससे अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और पारदर्शी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में अपर आवास आयुक्त दिनेश प्रताप सिंह और नवीन शाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
