उत्तराखंड पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। आस्था, रोमांच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
प्रदेश में तीर्थ यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोपवे परियोजनाएं शुरू की गई हैं। केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे लगभग 4,081 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। वहीं, हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी लंबा रोपवे 2,730 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं की यात्रा का समय और कठिनाई दोनों में कमी आएगी।
उत्तराखंड में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत कर पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाया गया है। इस पहल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।
कुमाऊं क्षेत्र में मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
इसके अलावा श्री बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य जारी है। बद्रीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी नगर के रूप में विकसित करने के लिए लगभग 255 करोड़ रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
नए पर्यटन स्थलों के विकास की दिशा में हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल का निर्माण और महासू मंदिर, हनोल के मास्टर प्लान को भी मंजूरी दी गई है।
एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया है, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन भी किया गया, जिसमें 22 राज्यों के 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
उत्तराखंड आज ट्रैकिंग, रिवर राफ्टिंग और स्टार गेजिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी की “वेड इन उत्तराखंड” अपील के बाद राज्य वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
चार वर्षों में उत्तराखंड ने पर्यटन के क्षेत्र में आस्था के साथ आधुनिकता का सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया है। रोपवे परियोजनाएं, धार्मिक सर्किट, धामों का पुनर्विकास और एडवेंचर गतिविधियों के विस्तार से राज्य ने पर्यटन क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
