गीता प्रेस की ओर से ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया । इस दौरान संतगणों की उपस्थिति में मासिक पत्रिका कल्याण के शताब्दी अंक तथा आरोग्यांक (गुजराती संस्करण) का विमोचन किया।
इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने कल्याण पत्रिका की सौ वर्षों की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पत्रिका केवल धार्मिक साहित्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्र निर्माण, संस्कृति संरक्षण और चरित्र निर्माण की मजबूत आधारशिला रही है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत तक कल्याण ने सनातन विचारधारा की आवाज को निरंतर जीवित रखा। यह पत्रिका समय के साथ बदली नहीं, बल्कि समय को दिशा देती रही है।
अमित शाह ने गीता प्रेस, गोरखपुर को भारतीय हिंदू धार्मिक साहित्य के प्रचार-प्रसार का एक महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक स्तंभ बताते हुए कहा कि गीता प्रेस केवल एक प्रकाशन संस्था नहीं, बल्कि भारतीय मूल्यों की वाहक रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के व्यापक प्रचार-प्रसार में गीता प्रेस का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित साहित्य पीढ़ियों को संस्कारवान बनाने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक उमेश शर्मा काऊ, रेनू बिष्ट सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
