पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने आगामी वर्ष के लिए पुलिस की प्राथमिकताओं को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तार से मंथन किया गया।
शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान डीजीपी ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस–2025 के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री की ओर दिए गए निर्देशों के अनुरूप साइबर सर्विलांस और साइबर इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने साइबर अपराधों से निपटने के लिए तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने एटीएस, एएनटीएफ और ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस–2025 में केंद्रीय गृह मंत्री की ओर एटीएस की संरचना में एकरूपता को लेकर दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री के ‘ड्रग-फ्री उत्तराखंड’ विजन को साकार करने के लिए एएनटीएफ को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस–2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
साइबर अपराधों की त्वरित शिकायत निस्तारण के लिए 1930 हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा 112 इमरजेंसी सिस्टम के साथ इसके बेहतर तकनीकी समन्वय पर भी विशेष जोर दिया गया। डीजीपी ने निर्देश दिए कि मुख्यालय स्तर पर सभी अधिकारी अपने-अपने अनुभागों से संबंधित प्रस्तावों, प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के अनुरूप ठोस एवं समयबद्ध एक्शन प्लान प्रस्तुत करें। साथ ही वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले बजट, प्रोक्योरमेंट और अन्य वित्तीय मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
डीजीपी ने बीते वर्ष की लंबित पत्रावलियों और शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फाइल कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री के विजन ‘सरलीकरण, समाधान और निस्तारण’ का उल्लेख करते हुए ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से ही फाइल मूवमेंट पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रस्तावित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही सभी इकाइयों को समय पर एसीआर भरने के निर्देश दिए गए, ताकि पुलिस कर्मियों को पदोन्नति, पदक, प्रशस्ति और अन्य प्रोत्साहन समय पर मिल सकें।
पुलिस महानिदेशक ने उत्तराखंड पुलिस गीत को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान, पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करता है। इसलिए इसे सभी प्रमुख पुलिस आयोजनों, परेड, दीक्षांत समारोह, स्थापना दिवस, प्रशिक्षण और आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाया जाए, जिससे बल का मनोबल और राज्य भावना और अधिक सुदृढ़ हो सके।
