प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय आम बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दिशाहीन, प्रतिगामी, विकास विरोधी और महंगाई व बेरोजगारी बढ़ाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम आदमी के हितों के खिलाफ है और सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में जुटी हुई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गोदियाल ने कहा कि बजट में एक बार फिर आंकड़ों की बाजीगरी की गई है। आर्थिक वृद्धि में तेजी, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ–सबका विकास जैसे दावे केवल कोरी बातें साबित हुए हैं। उत्तराखण्ड जैसे छोटे और आपदा-संवेदनशील राज्यों की बजट में घोर उपेक्षा की गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में सात उच्चगति रेल कॉरिडोर और 100 स्मार्ट सिटी जैसी घोषणाएं की गई हैं, लेकिन ये पूर्व की तरह केवल जुमले साबित होंगी। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं और किसानों की आय बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि बजट न तो किसी नई दिशा का संकेत देता है और न ही किसी बड़े आर्थिक बदलाव की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए बजटीय आवंटन को लेकर पारदर्शिता का अभाव है। सरकार वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, जिसके चलते आम जनता को बजट से निराशा हाथ लगी है।
गोदियाल ने कहा कि महंगाई कम करने के लिए बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। जहां एक ओर महंगाई से आम आदमी का बोझ बढ़ता जा रहा है, वहीं देश विदेशी कर्ज के दबाव में भी लगातार फंसता जा रहा है। बजट में वित्तीय प्रबंधन का गंभीर अभाव नजर आता है।
उन्होंने कहा कि किसानों, गरीबों और युवाओं की आय बढ़ाने के सरकार के दावे बजट में दिखाई नहीं देते। रोजगार सृजन के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया है। वर्तमान में मौजूद हवाई अड्डों की बदहाल स्थिति के बावजूद उनके सुधार के लिए भी बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मध्यम वर्ग पर बजट के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि नौकरीपेशा वर्ग को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। 4 से 8 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत कर लगाकर मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है। आयकर छूट स्लैब में की गई बढ़ोतरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा, किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार सृजन की बातें केवल भाषणों तक सीमित रह गई हैं।
गणेश गोदियाल ने कहा कि आपदा प्रभावित राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड के लिए बजट में दैवीय आपदा से निपटने, रेल और हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। कुल मिलाकर यह बजट उद्योगपतियों के हितों को साधने वाला और देश के आम नागरिक की उपेक्षा करने वाला साबित हुआ है।
