उत्तराखंड कैबिनेट ने मंगलवार को 17 प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। तीन चरणों में समान काम-समान वेतन लागू किया जाएगा और दूसरे चरण की शुरुआत नौ नवंबर से होगी। वर्ष 2018 तक के उपनल कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन का लाभ मिलेगा। वहीं, सेवा से मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए अलग प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने राज्य सहकारिता नीति-2026, मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन, नई ईवी नीति की तैयारी समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।
अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट फैसलों की ब्रीफिंग करते हुए बताया कि उपनल कर्मचारियों के लिए शासन स्तर पर समिति गठित की जाएगी। परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिन पदों पर उपनल कर्मचारी कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके अनुसार नए पद सृजित किए जाएंगे। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों का समायोजन किया जाएगा। एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया है।
अग्निवीरों के लिए छह पदों वाला अलग सेल
सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार और अन्य अवसर उपलब्ध कराने के लिए अलग सेल बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया था। सरकार ने अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया है।
सीएनजी को ग्रीन सेस में छूट, हाइब्रिड वाहनों की राहत खत्म
कैबिनेट ने उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी। सीएनजी वाहनों को ग्रीन सेस में मिल रही छूट जारी रहेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत वापस ले ली गई है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों की ईवी नीतियों का अध्ययन कर उत्तराखंड की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करने के निर्देश दिए।
सहकारिता नीति में सात मिशन
राष्ट्रीय सहकारी नीति के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सात मिशन निर्धारित किए गए हैं।
मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन बनेगा
औषधि, सर्जिकल सामग्री और रसायनों की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव की अगुवाई में यह कॉरपोरेशन काम करेगा। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग को भी मंजूरी दी गई।
हरिद्वार में एनसीडीसी को एक एकड़ जमीन
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि देने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। कारापाल सेवा नियमावली, उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 और आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी स्वीकृति मिली।
मलिन बस्ती के 116 परिवारों को राहत
रिस्पना नदी किनारे काठबंगला में 116 आवासों में रहने वाले मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 फीसदी राशि अब सरकार वहन करेगी। शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज कार्यों को भी मंजूरी दी गई।
ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट को मंजूरी
अंत्योदय फाउंडेशन के ऋषिकेश में प्रस्तावित कैंसर इंस्टीट्यूट को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसके साथ ही उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी मंजूरी दी गई।
1320 मेगावाट का पावर प्लांट अडानी को
यूपीसीएल की ओर से प्रस्तावित 1320 मेगावाट कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को जिम्मेदारी दी गई है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक आवंटित हो चुका है। प्लांट अडानी पावर की ओर से लगाया जाएगा और परियोजना 25 साल के लिए दी गई है।
बारिश के बाद तुरंत शुरू होगा सड़क सुधार
कैबिनेट ने बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए बजट की कमी होने पर पंचायतों और निकायों को धन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया अभी पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि बारिश थमते ही सड़क सुधार का काम शुरू हो सके।
इसके अलावा चीनी समेत आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर अधिकारियों को लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। प्रदेश के शहीदों की उनके गांवों में प्रतिमा लगाने का भी निर्णय लिया गया। वहीं, उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करने पर सहमति बनी है।
