वेदनी में सप्तमी की जात संपन्न होने के बाद बधाड की डोली व नंदा लोकजात यात्रा रविवार को ल्वाणी से बमणबेरा होते हुए उलंग्रा गांव पहुंची। बमणबेरा में डोली और पुजारियों का मांगलगीत व झोड़ा के साथ स्वागत किया गया। इसके बाद आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम डोली उलंग्रा गांव में रात्रि प्रवास के लिए पहुंची।
सोमवार को डोली व लोकजात यात्रा हाटकल्याणी, इच्छोली और अठठू गांव होते हुए बेराधार पहुंचेगी, जहां रात्रि प्रवास होगा। विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए यात्रा 25 सितंबर को सिद्धपीठ देवराड़ा मंदिर पहुंचेगी। यहां पूजा-अर्चना के बाद बधाड की डोली छह माह के प्रवास पर रहेगी। यात्रा ने पांच सितंबर को कुरुड़ सिद्धपीठ मंदिर से प्रस्थान किया था।
