जिलाधिकारी सविन बंसल की संस्तुति पर शासन ने ऋषिकेश के उप निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद की गई है।
औचक निरीक्षण में खुला बड़ा खेल
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सब-रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में एक लिपिक और बाहरी ‘घोस्ट’ (फर्जी) कार्मिक अनाधिकृत रूप से विलेखों का पंजीकरण कर रहे थे।
जांच में करोड़ों रुपये की स्टाम्प चोरी का भी खुलासा हुआ। आरोप है कि औद्योगिक भूमि को आवासीय दरों पर पंजीकृत कर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
सैकड़ों अभिलेख लंबित, जनता परेशान
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि आमजन के सैकड़ों मूल अभिलेख और अर्जेंट नकलें महीनों और वर्षों से लंबित पड़ी थीं, जबकि नियमानुसार इनका निस्तारण 24 घंटे से 3 दिन के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
कार्यालय में मौजूद फरियादियों ने भी अभिलेखों के लिए उत्पीड़न और अनावश्यक देरी की शिकायतें दर्ज कराईं।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई
शासन ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक सख्त संदेश बताया है। अधिकारियों का कहना है कि राजस्व हानि और आमजन को परेशान करने के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और संबंधित अन्य कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
