उत्तराखंड के राज्य गीत की वर्षगांठ के अवसर पर कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने राज्य के आधिकारिक गीत उत्तराखंड देवभूमि–मातृभूमि की सरकारी उपेक्षा पर गहरी चिंता जताई।
बुधवार को बाली वाला चौक के समीप स्थित वेडिंग पॉइंट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता, लोक चेतना और देवभूमि की आत्मा को स्वर देने वाला यह राज्य गीत 6 फरवरी 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य की जनता को समर्पित किया गया था, लेकिन बीते लगभग दस वर्षों से वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे जानबूझकर हाशिये पर डाल दिया है।
राज्य गीत प्रख्यात गीतकार हेमंत बिष्ट के शब्दों, गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के संगीत निर्देशन एवं स्वर तथा अनुराधा निराला की आवाज़ से सुसज्जित है। राज्य गीत के चयन हेतु गठित समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मण सिंह बटरोही थे, जिसमें नरेंद्र सिंह नेगी भी सदस्य रहे। वक्ताओं ने इसे उत्तराखंड की लोक संस्कृति, आस्था और परंपराओं का जीवंत दस्तावेज़ बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने की। गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, कार्यक्रम के संयोजक कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव थापर, विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता मौजूद रहे।
