Uttarakhand: महिला अपराधों पर भड़की महिला कांग्रेस, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश और देश में बढ़ते महिला अपराधों तथा बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर महिला कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों के मामलों में सरकार की निष्क्रियता बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में कई भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों और उनके करीबी लोगों पर दुष्कर्म, यौन शोषण और महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, लेकिन इन मामलों में न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकारें निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई करती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कुख्यात यौन अपराधी जैफ्री एपिस्टीन से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया था और उन्होंने खुद एपिस्टीन से मिलने की बात स्वीकार की थी, लेकिन इस मुद्दे पर संसद में कोई चर्चा नहीं हो रही है।

ज्योति रौतेला ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सुब्रमण्यम स्वामी और मधु किश्वर द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार की चुप्पी लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड, जो अपनी शांति, पर्यटन और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, आज अपराधों के कारण चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में भी कई गंभीर सवाल उठे, लेकिन अब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आ सकी।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच महिला अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। उनके अनुसार वर्ष 2021 में 3431, 2022 में 4337, 2023 में 3808, 2024 में 4000 से अधिक और 2025 में 4200 से अधिक मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने हाल के वर्षों में प्रदेश में हुई कई गंभीर घटनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, सामूहिक बलात्कार, हत्याएं और अन्य जघन्य अपराध शामिल हैं। उनका आरोप है कि राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि पिछले एक माह में देहरादून में दिनदहाड़े कई गंभीर अपराध और हत्याएं हुई हैं, जो सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करे।

पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा, जिलाध्यक्ष पूनम कंडारी, महासचिव सुशीला शर्मा और सावित्री थापा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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