उत्तराखंड में हुए हालिया मंत्री विस्तार को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
करन माहरा ने आरोप लगाया कि भाजपा खुद को कार्यकर्ता आधारित संगठन बताती है, लेकिन सत्ता में भागीदारी देने के समय अपने ही समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर देती है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक पार्टी के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ता जो दरी बिछाने से लेकर पोस्टर लगाने और चुनावों में दिन-रात जुटे रहे, आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में उन नेताओं को मंत्री पद दिया जा रहा है, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि पहले कांग्रेस से जुड़ी रही है। माहरा के अनुसार, यह न केवल कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है, बल्कि भाजपा के मूल चरित्र पर भी सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा को अब अपने ही कैडर पर भरोसा नहीं रहा और वह बाहरी नेताओं पर अधिक निर्भर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता कर रही है, जिससे संगठन के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है।
माहरा ने चेतावनी दी कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं। यदि वही उपेक्षित महसूस करने लगें, तो यह संगठन के लिए खतरे का संकेत है। उन्होंने कहा कि केवल नारों से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान और विश्वास से ही संगठन मजबूत होता है।
