उत्तराखंड के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की गई है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि अब राजकीय शिक्षक संघ के आम चुनाव पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रणाली से कराए जाएंगे, जिसमें सभी शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से मतदान कर अपने प्रतिनिधि चुन सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक वर्ग यह मांग कर रहा था कि चुनाव प्रक्रिया में सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। अब पूर्व व्यवस्था में बदलाव करते हुए प्रत्येक शिक्षक को मतदान का अधिकार दिया गया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनेगी। उन्होंने इसे शिक्षकों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा और शिक्षकों की आवाज को सीधा प्रतिनिधित्व मिलेगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने शिक्षकों की एक और महत्वपूर्ण मांग को भी स्वीकार कर लिया है। डॉ. रावत ने बताया कि कई शिक्षक अपने गृह जनपद से दूर गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में तैनात हैं, जिसके कारण उन्हें घर जाने में कठिनाई होती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अब प्रत्येक शिक्षक को वर्ष में एक बार अपने गृह जनपद जाने के लिए दो दिन का विशेष यात्रा (उपार्जित) अवकाश प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब तक उपार्जित अवकाश की कमी के कारण शिक्षकों को निजी अवकाश का उपयोग करना पड़ता था, जिससे उन्हें असुविधा होती थी। नए निर्णय से शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी और वे आसानी से अपने परिवार से मिल सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन दोनों फैसलों को जल्द से जल्द प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि शिक्षकों को समय पर इसका लाभ मिल सके।
