वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच गैस एवं ईंधन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर उत्तराखण्ड शासन सतर्क हो गया है। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर जिलाधिकारियों ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को बताया कि 19 अप्रैल से यात्रा शुरू होने के कारण व्यावसायिक गैस की मांग बढ़ेगी। इसको लेकर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अतिरिक्त गैस की मांग केंद्र सरकार को भेजकर यात्रा मार्गों पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
शनिवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी, तेल कंपनियों के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में जानकारी दी गई कि घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रदेश में लगभग सामान्य है। स्वर्ण सिंह (एलपीजी नोडल अधिकारी) ने बताया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी नियमित आपूर्ति की जा रही है। वहीं, जिलाधिकारियों ने बताया कि अधिकांश जनपदों में घरेलू गैस की स्थिति सामान्य है, लेकिन व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम है।
मुख्य सचिव ने तेल कंपनियों को निर्देश दिए कि शासन की नई एसओपी के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाई जाए। साथ ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के राज्य समन्वयक ने बताया कि डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति व स्टॉक पूरी तरह सामान्य है।
कृषि विभाग की ओर से भी स्पष्ट किया गया कि उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरकों का वितरण निर्धारित सीमा के भीतर ही हो और किसी भी प्रकार का दुरुपयोग न होने पाए।
बैठक में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर विशेष चर्चा की गई। रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी के जिलाधिकारियों ने बताया कि 19 अप्रैल से यात्रा शुरू होने के कारण व्यावसायिक गैस की मांग बढ़ेगी। इस पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अतिरिक्त गैस की मांग केंद्र सरकार को भेजी जाए और यात्रा मार्गों पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्यटन विभाग को जिलाधिकारियों के साथ समन्वय कर वास्तविक मांग का आकलन करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने गैस के वैकल्पिक साधनों—जैसे लकड़ी, सोलर, पिरूल (ब्रिकेट्स), इंडक्शन और बायोफ्यूल—के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभागों को योजना बनाने के निर्देश भी दिए।
पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार पर भी चर्चा हुई। गेल गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी जनपदों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए एनओसी मिल चुकी है और तेजी से पाइपलाइन बिछाने व कनेक्शन देने का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारियों को इसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने और गैस व उर्वरकों की तस्करी रोकने के निर्देश दिए। प्रवासी उत्तराखण्डियों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शादी समारोहों के लिए दो अस्थायी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
अंत में मुख्य सचिव ने एलपीजी एवं ईंधन आपूर्ति की सतत निगरानी और सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव गृह शैलेश बगौली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
