प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धामी सरकार ऋषिकेश के रानीपोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए आवंटित भूमि को खुर्द-बुर्द करने का काम कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते रानीपोखरी में लॉ यूनिवर्सिटी के लिए भूमि आवंटित की गई थी और उसका शिलान्यास भी किया गया था। इस दौरान रमेश पोखरियाल निशंक और धन सिंह रावत भी मौजूद थे।
हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि सात वर्ष बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय के निर्माण की दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ, बल्कि अब उस भूमि को टिहरी बांध विस्थापितों के नाम पर उपयोग में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद की संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने कहा कि यह मामला भाजपा के भीतर गुटबाजी को भी दर्शाता है, जहां एक नेता दूसरे को श्रेय नहीं देना चाहता। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के फैसलों से जनता का भरोसा घोषणाओं और शिलान्यासों से उठ सकता है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय किए गए वादे केवल जुमले साबित हो रहे हैं और अब स्थानीय जनता को अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय संगठन भी शामिल हैं।
उन्होंने प्रशासन पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और महिलाओं के साथ अभद्रता की गई, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी है और भविष्य में सरकार बनने पर उसी स्थान पर लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, विनोद चौहान, गुल मोहम्मद सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
