स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर अब लाइलाज नहीं है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर से करेंगे।
14 वर्ष की बालिकाओं को निःशुल्क टीका
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 14 वर्ष आयु वर्ग की शत-प्रतिशत बालिकाओं को एचपीवी का निःशुल्क टीका लगाया जाएगा। पहले यह टीका निजी अस्पतालों में लगभग 4 हजार रुपये प्रति डोज की कीमत पर उपलब्ध था, लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा इसे पात्र बालिकाओं को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
व्यापक तैयारियां, 155 टीकाकरण केंद्र चिन्हित
डॉ. रावत ने बताया कि टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
विभागीय अधिकारियों को वैक्सीन की उपलब्धता, कोल्ड-चेन व्यवस्था और रिपोर्टिंग सिस्टम को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रथम चरण में प्रदेशभर की चिकित्सा इकाइयों में 155 टीकाकरण केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जहां 14 वर्ष की सभी पात्र बालिकाओं को निःशुल्क टीका लगाया जाएगा।
जन-जागरूकता अभियान पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन, पंचायत प्रतिनिधियों और महिला समूहों से अपील की कि वे अभियान में सक्रिय सहयोग करें। साथ ही सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश की हर बेटी इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का लाभ उठा सके।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से टीकाकरण अभियान को सफल बनाकर महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खतरे से बचाया जा सके।
